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अमेरिका का नया इमिग्रेशन नियम: ग्रीन कार्ड प्रक्रिया में बड़ा बदलाव, भारतीय प्रवासियों पर असर

अमेरिका में परमानेंट रेजिडेंसी (ग्रीन कार्ड) पाने की प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है, जिसका सीधा असर हजारों विदेशी नागरिकों, खासकर भारतीय प्रवासियों पर पड़ सकता है। अमेरिकी सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) द्वारा जारी नए नियम के अनुसार, अब अस्थायी वीजा पर अमेरिका में रह रहे विदेशी नागरिकों को ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने के दौरान देश छोड़ना अनिवार्य होगा।

नए नियम के तहत, जो लोग पहले से अमेरिका में छात्र वीजा, H-1B वर्क वीजा या टूरिस्ट वीजा पर रह रहे हैं, वे अब वहीं रहते हुए अपने स्टेटस को स्थायी निवास में बदल नहीं सकेंगे। उन्हें अपने आवेदन की प्रक्रिया अपने मूल देश से पूरी करनी होगी, जब तक कि कोई अत्यंत विशेष परिस्थिति न हो।

USCIS के एक प्रवक्ता के अनुसार, इस बदलाव का उद्देश्य इमिग्रेशन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और नियमों के अनुरूप बनाना है। अधिकारियों का कहना है कि अब स्टेटस बदलने की प्रक्रिया को सामान्य सुविधा के बजाय एक अपवाद के रूप में देखा जाएगा और हर मामले की सख्ती से जांच की जाएगी।

अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने भी इस नीति का समर्थन करते हुए कहा है कि इससे इमिग्रेशन सिस्टम में मौजूद खामियों का दुरुपयोग रोका जा सकेगा और नियमों का बेहतर पालन सुनिश्चित होगा।

इस फैसले का सबसे बड़ा प्रभाव भारतीय प्रवासियों पर पड़ने की संभावना है, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय छात्र और पेशेवर अमेरिका में रहते हुए ही ग्रीन कार्ड प्रक्रिया शुरू करते थे। आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024 में लगभग 49,700 भारतीय मूल के लोगों ने अमेरिकी नागरिकता प्राप्त की थी, जिससे भारतीय समुदाय अमेरिका में नागरिकता पाने वाले सबसे बड़े समूहों में शामिल रहा है। नए नियम के बाद अब ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया अधिक लंबी और जटिल मानी जा रही है, जिससे हजारों आवेदकों की योजनाओं पर असर पड़ सकता है।