लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक जनसभा के दौरान केंद्र सरकार और भाजपा नेतृत्व पर तीखा हमला किया। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah और आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें देश की आर्थिक स्थिति और संविधान से जुड़े मुद्दों के लिए जिम्मेदार बताया। राहुल गांधी ने कहा कि देश की आर्थिक व्यवस्था गलत नीतियों के कारण कमजोर हुई है और आने वाले समय में बड़ा आर्थिक संकट देखने को मिल सकता है। उन्होंने दावा किया कि वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव, विशेषकर पश्चिम एशिया की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अस्थिरता का असर भारत पर भी पड़ेगा। उनके अनुसार तेल और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने से महंगाई बढ़ सकती है और इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं से दूर है और आर्थिक चुनौतियों से निपटने में सक्षम नहीं दिख रही है। अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में देश को गंभीर आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है। इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राहुल गांधी के बयान को आपत्तिजनक बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। पार्टी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि राहुल गांधी अक्सर विवादित बयान देते हैं और उनके बयानों का असर कांग्रेस पार्टी को भी भुगतना पड़ता है। बीजेपी ने उन्हें गैर-जिम्मेदाराना राजनीति करने वाला बताया।
वहीं कांग्रेस की ओर से प्रवक्ता पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब नेतृत्व जनता की समस्याओं से दूर हो जाता है, तो उस पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं और देश की स्थिति को लेकर भी टिप्पणी की। इस पूरे मामले के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है तथा दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।









