नॉर्वे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया विदेश यात्रा के दौरान प्रेस वार्ता में हुए घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब किसी के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं होता, तो डरने की भी कोई वजह नहीं होती। उन्होंने यह टिप्पणी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर की, जहां उन्होंने नॉर्वे की एक पत्रकार का वीडियो भी साझा किया।
इस वीडियो में कथित तौर पर प्रधानमंत्री मोदी को पत्रकार के सवाल पूछने की कोशिश के दौरान वहां से जाते हुए दिखाया गया है। राहुल गांधी ने दावा किया कि जब दुनिया किसी नेता को सवालों से बचते हुए देखती है, तो इससे देश की छवि पर नकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि एक लोकतांत्रिक देश के प्रधानमंत्री से अपेक्षा होती है कि वह मीडिया के कठिन सवालों का सामना करें।
यह विवाद तब सामने आया जब प्रधानमंत्री मोदी नॉर्वे में आयोजित भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे थे। यह यात्रा उनकी छह दिवसीय पांच देशों की विदेश यात्रा का हिस्सा है। ओस्लो में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक पत्रकार ने भारतीय सरकार से मानवाधिकारों और वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को लेकर सवाल उठाए।
इस प्रेस वार्ता में भारतीय प्रतिनिधि मंडल की ओर से जवाब देते हुए वरिष्ठ अधिकारी सिबी जॉर्ज ने भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और 5,000 साल पुरानी सभ्यता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ने वैश्विक संकटों के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
हालांकि बातचीत के दौरान कुछ तीखे सवाल भी उठे, जिस पर अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पत्रकार को सवाल पूछने का अधिकार है, लेकिन जवाब देने की शैली तय नहीं की जा सकती। इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और मुद्दा अब देश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।









