Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार तेज: मेट्रो, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े अहम फैसलों को मंजूरी

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पंचायत चुनाव से पहले सामाजिक और विकास दोनों मोर्चों पर बड़े निर्णय लिए हैं। सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दी गई। यह आयोग पंचायत स्तर पर ओबीसी की हिस्सेदारी का अध्ययन कर आरक्षण के नए आधार तैयार करने की सिफारिश देगा। पांच सदस्यीय आयोग का नेतृत्व उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे और इसकी अवधि छह महीने तय की गई है।

बैठक में राजधानी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए मेट्रो विस्तार को भी हरी झंडी दी गई है। Lucknow Metro के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर और चारबाग से बसंतकुंज कॉरिडोर के एमओयू को मंजूरी मिली है। इससे शहर के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा। इसके साथ ही Agra Metro कॉरिडोर-2 के लिए भूमि हस्तांतरण और स्टेशन-वायाडक्ट निर्माण को भी स्वीकृति दी गई है।

स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में भी बड़े फैसले लिए गए। लोहिया संस्थान में 1010 बेड का सुपर स्पेशिएलिटी इमरजेंसी सेंटर स्थापित किया जाएगा, जबकि प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल के विस्तार को मंजूरी मिली है। पशु चिकित्सा छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता चार हजार रुपये से बढ़ाकर बारह हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है, जिससे छात्रों को राहत मिलेगी।

इसके अलावा जन्म-मृत्यु पंजीकरण नियमावली 2026 को लागू करने, मिर्जापुर में पूलिंग उपकेंद्र और ट्रांसमिशन लाइन निर्माण, सरदार पटेल एपेक्स विश्वविद्यालय की स्थापना तथा यूपी लोक सेवा आयोग संशोधन विनियम 2026 को मंजूरी दी गई। प्रतिभूति संबंधी 2007 अधिसूचना में संशोधन का भी निर्णय लिया गया, जिससे प्रशासनिक ढांचे में और सुधार की उम्मीद है।