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स्वदेशी गश्ती पोत ‘अचल’ से बढ़ेगी भारत की समुद्री ताकत, तटरक्षक बल में हुआ शामिल

भारत की समुद्री सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय तटरक्षक बल में स्वदेशी फास्ट पेट्रोल वेसल ‘अचल’ को औपचारिक रूप से शामिल कर लिया गया है। गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित यह अत्याधुनिक पोत ‘अदम्य’ श्रेणी के आठ जहाजों की श्रृंखला का पांचवां जहाज है। रक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव ए. अनबरसु ने वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में इसे राष्ट्र को समर्पित किया।

‘अचल’ पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से तैयार किया गया है और इसमें 60 प्रतिशत से अधिक उपकरण भारतीय निर्माताओं द्वारा विकसित किए गए हैं। यह पोत ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की सफलता का प्रतीक माना जा रहा है। आधुनिक तकनीक और आकर्षक डिजाइन से लैस यह जहाज 51 मीटर लंबा है और समुद्री निगरानी के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।

भारतीय तटरक्षक बल ने इसे गुजरात के वाडीनार में तैनात करने का निर्णय लिया है, जहां से यह उत्तर-पश्चिमी समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी संभालेगा। कमांडेंट नवीन कुमार के नेतृत्व में पांच अधिकारियों और 34 जवानों की टीम इस पोत पर तैनात रहेगी।

तकनीकी दृष्टि से ‘अचल’ बेहद सक्षम और शक्तिशाली है। इसमें तीन हजार किलोवाट क्षमता वाले दो डीजल इंजन लगाए गए हैं, जिनकी मदद से यह 27 समुद्री मील तक की रफ्तार हासिल कर सकता है। इसकी परिचालन सीमा 1,500 समुद्री मील है, जिससे यह लंबे समय तक समुद्र में सक्रिय रह सकता है। सुरक्षा के लिए पोत में 30 एमएम सीआरएन-91 गन और दो 12.7 एमएम रिमोट कंट्रोल गन भी लगाई गई हैं। ‘अचल’ के शामिल होने से देश की समुद्री सीमाओं की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।