फेसबुक पर ब्लू टिक पाने की चाहत अब साइबर अपराधियों के लिए एक बड़ा हथियार बन चुकी है। हाल ही में सामने आए एक खतरनाक स्कैम में 30 हजार से ज्यादा यूजर्स के अकाउंट हैक किए जा चुके हैं। हैकर्स इस स्कैम के जरिए लोगों को फ्री वेरिफिकेशन का लालच देते हैं और फिर उनकी निजी जानकारी चुरा लेते हैं। यह धोखाधड़ी इतनी चालाकी से की जा रही है कि आम यूजर ही नहीं, बल्कि बिजनेस ओनर, इंफ्लुएंसर और विज्ञापन से जुड़े अकाउंट भी इसका शिकार बन रहे हैं।
साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों के अनुसार इस स्कैम को “अकाउंटडम्पलिंग” नाम दिया गया है। इसमें हैकर्स भरोसेमंद दिखने वाले तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, जैसे कि गूगल के टूल्स के जरिए भेजे गए फर्जी ईमेल, जो बिल्कुल असली नोटिफिकेशन जैसे लगते हैं। यही कारण है कि कई बार स्पैम फिल्टर भी इन्हें पहचान नहीं पाते और यूजर्स आसानी से इनके जाल में फंस जाते हैं।
इस धोखे में दो मुख्य तरीके अपनाए जाते हैं। पहला, यूजर को डराया जाता है कि उसका अकाउंट बंद होने वाला है या उस पर कोई स्ट्राइक लग गई है। दूसरा, उसे लालच दिया जाता है कि बिना किसी शुल्क के ब्लू टिक मिल सकता है। लिंक पर क्लिक करते ही यूजर से लॉगिन डिटेल और कभी-कभी टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन कोड तक मांगा जाता है, जिससे हैकर्स अकाउंट पर पूरा कब्जा कर लेते हैं।
इस तरह के स्कैम से बचने के लिए जरूरी है कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म के जरिए ही वेरिफिकेशन से जुड़ी जानकारी लें। थोड़ी सी सतर्कता आपके अकाउंट को सुरक्षित रख सकती है।









