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जेट फ्यूल करीब 5% महंगा: इंटरनेशनल एयरलाइंस पर बोझ, घरेलू कंपनियां भी चिंतित

एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में लगातार दूसरे महीने बढ़ोतरी ने एयरलाइंस कंपनियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के लिए जेट फ्यूल की कीमत में करीब 5% का इजाफा किया गया, जिससे दिल्ली में इसकी कीमत बढ़कर 1511.86 डॉलर प्रति किलोलीटर हो गई। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब 1 अप्रैल को ही घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF की कीमतों में करीब 25% की बड़ी वृद्धि की गई थी। हालांकि ताजा बढ़ोतरी का सीधा असर घरेलू उड़ानों पर नहीं पड़ेगा, लेकिन एयरलाइंस कंपनियों ने पहले ही चिंता जताते हुए किराए बढ़ाने या फ्लाइट्स कम करने के संकेत दिए हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से जेट फ्यूल महंगा हो रहा है। चूंकि ATF की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ी हैं, इसलिए वैश्विक ऊर्जा संकट का असर सीधे एविएशन सेक्टर पर पड़ रहा है। सूत्रों का कहना है कि सरकार ने संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है—जहां विदेशी एयरलाइंस को पूरी बाजार दर चुकानी होगी, वहीं घरेलू कंपनियों को फिलहाल आंशिक राहत दी गई है। इसके बावजूद, अगर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रही, तो आने वाले समय में घरेलू एयरलाइंस पर भी दबाव बढ़ सकता है।