दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार, 24 मार्च 2026 को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। इस बार का बजट 1,03,700 करोड़ रुपये का है और इसे सीएम ने ‘हरित बजट’ करार दिया। उन्होंने कहा कि राजधानी शहर इस समय बदलाव और विकास के दौर से गुजर रहा है, और “ट्रिपल इंजन” सरकार के साथ दिल्ली तेजी से प्रगति कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल बजट का 21 प्रतिशत हिस्सा पर्यावरण और हरित विकास के लिए रखा गया है। MCD को पहली बार 11,666 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं, जो अब तक की सबसे बड़ी राशि है। बुनियादी ढांचे के लिए PWD को 5,921 करोड़ रुपये, शहरी विकास के लिए 7,887 करोड़, यमुना पार विकास बोर्ड के लिए 300 करोड़ और झुग्गी-झोपड़ी विकास के लिए 800 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, सड़कों के निर्माण और सुधार के लिए 1,352 करोड़ रुपये, विधायकों के क्षेत्रों के विकास के लिए 350 करोड़ और बिजली के तारों को जमीन के नीचे बिछाने के लिए 200 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़े निवेश किए गए हैं। दिल्ली जल बोर्ड को 9,000 करोड़ रुपये, अग्निशमन विभाग को 674 करोड़ और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 12,746 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। सरकार ने 750 नए ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ खोलने की घोषणा की, वहीं आनुवंशिक रोगों से पीड़ित बच्चों के लिए ‘अनमोल’ योजना शुरू की जाएगी। शिक्षा क्षेत्र के लिए 19,148 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके तहत स्कूल भवनों के निर्माण और विस्तार के लिए 475 करोड़ रुपये रखे गए हैं। खासकर बेटियों के लिए नई योजनाएं पेश की गई हैं, जैसे 9वीं कक्षा की छात्राओं को साइकिल और 10वीं कक्षा के होनहार छात्रों को लैपटॉप।
महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। योग्य महिला लाभार्थियों को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, और महिला एवं बाल विकास के लिए 7,406 करोड़ रुपये, मुफ्त बस यात्रा के लिए 406 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘वया आनंद योजना’ शुरू की जाएगी। इस बजट में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिलाओं व वरिष्ठ नागरिकों की भलाई को प्राथमिकता दी गई है, जिससे दिल्ली में विकास और जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है।









