National

डॉलर के सामने रुपया कमजोर: 93 के स्तर से नीचे फिसला, मध्य पूर्व संकट का असर

भारतीय मुद्रा बाजार से चिंताजनक संकेत मिल रहे हैं, जहां रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर होता नजर आ रहा है। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया ऐतिहासिक गिरावट दर्ज करते हुए 93 के स्तर के पार चला गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। इस गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां और निवेशकों का रुख प्रमुख कारण बनकर उभरे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिसका सीधा असर भारतीय मुद्रा पर पड़ा है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भी रुपये पर दबाव बढ़ा रहा है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा भारतीय बाजारों से लगातार धन निकासी भी इस कमजोरी का एक बड़ा कारण है। हाल के हफ्तों में निवेशकों ने भारी मात्रा में पूंजी बाहर निकाली है, जिससे रुपये की मांग में कमी आई है और उसका मूल्य गिरा है।

मुद्रा विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल बाजार में स्थिरता के संकेत कम हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द नहीं सुधरे, तो रुपये पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक समय-समय पर हस्तक्षेप कर स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहा है, जिससे गिरावट की गति कुछ हद तक नियंत्रित हो रही है।

आने वाले दिनों में रुपये की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाओं और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। यदि मौजूदा परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो मुद्रा बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।