डेरा सच्चा सौदा प्रमुख Gurmeet Ram Rahim Singh को शनिवार को Punjab and Haryana High Court से बड़ी कानूनी राहत मिली। अदालत ने वर्ष 2002 के चर्चित पत्रकार Ramchandra Chhatrapati हत्याकांड में उन्हें बरी कर दिया। हाई कोर्ट की पीठ ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा को रद्द करते हुए कहा कि इस मामले में पर्याप्त आधार नहीं बनता।
यह फैसला उस सजा के करीब सात साल बाद आया है, जो 2019 में पंचकूला स्थित Central Bureau of Investigation (CBI) की विशेष अदालत ने सुनाई थी। उस समय अदालत ने राम रहीम को दोषी ठहराते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी थी। राम रहीम के वकील जितेंद्र खुराना के अनुसार, हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए उन्हें हत्या के आरोपों से मुक्त कर दिया है।
दरअसल, पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ने डेरा सच्चा सौदा से जुड़े कुछ विवादों को अपने अखबार में प्रकाशित किया था। इसके बाद अक्टूबर 2002 में उन पर गोलीबारी हुई थी, जिसमें बाद में उनकी मौत हो गई। इस मामले में 2003 में छत्रपति के परिवार ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए जांच को CBI को सौंपने की मांग की थी। अदालत के निर्देश के बाद जांच एजेंसी ने 2007 में चार्जशीट दाखिल की थी। इस फैसले के बाद छत्रपति परिवार ने निराशा जताई है। उनके बेटे अंशुल छत्रपति ने कहा कि वे इस फैसले को Supreme Court of India में चुनौती देने पर विचार करेंगे। वहीं राम रहीम के समर्थकों में फैसले को लेकर खुशी देखी जा रही है।









