ओम बिरला ने लोकसभा की विशेषाधिकार समिति के पुनर्गठन की घोषणा करते हुए मंगलवार को 15 सांसदों को समिति में मनोनीत किया। वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री Ravi Shankar Prasad को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, समिति में विभिन्न राजनीतिक दलों को प्रतिनिधित्व दिया गया है, जिससे सदन की कार्यवाही से जुड़े मामलों में संतुलित दृष्टिकोण सुनिश्चित किया जा सके।
समिति में भारतीय जनता पार्टी से बृजमोहन अग्रवाल, रामवीर सिंह बिधूड़ी, संगीता कुमारी सिंह देव, जगदंबिका पाल, त्रिवेंद्र सिंह रावत और जगदीश शेट्टर को शामिल किया गया है। कांग्रेस की ओर से तारिक अनवर, मनीष तिवारी और मणिकम टैगोर सदस्य बनाए गए हैं। इसके अलावा अन्य दलों से समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, द्रमुक के टी.आर. बालू, तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी, शिवसेना के श्रीरंग अप्पा बार्ने और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के अरविंद सावंत को समिति में स्थान दिया गया है।
विशेषाधिकार समिति संसद की एक महत्वपूर्ण स्थायी समिति है, जो सदन या उसके सदस्यों के विशेषाधिकार हनन और अवमानना से जुड़े मामलों की जांच करती है। लोकसभा अध्यक्ष द्वारा संदर्भित मामलों की पड़ताल कर समिति अपनी सिफारिशें सदन को सौंपती है। नियमों के अनुसार, लोकसभा में अध्यक्ष 15 सदस्यों को नामित करते हैं, जबकि राज्यसभा में सभापति द्वारा 10 सदस्यों का मनोनयन किया जाता है। समिति का पुनर्गठन संसदीय कार्यप्रणाली को सुचारु और जवाबदेह बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।









