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अयातुल्ला अराफी को मिली ईरान की कमान, बने अंतरिम सुप्रीम लीडर

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हालिया सैन्य हमले में मृत्यु के बाद देश में नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बन गई थी। अब सरकारी सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है कि वरिष्ठ धर्मगुरु अलीरेजा अराफी को अंतरिम रूप से सर्वोच्च नेता की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बताया जा रहा है कि यह फैसला संवैधानिक प्रावधानों के तहत लिया गया है। ईरान के संविधान के अनुसार, नए सर्वोच्च नेता के चयन तक एक अंतरिम नेतृत्व परिषद देश का संचालन करती है। इस परिषद में राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन, मुख्य न्यायाधीश गुलाम होसैनी मोहसेनी एजेइ और गार्जियन काउंसिल से एक वरिष्ठ धर्मविद शामिल होते हैं। इसी क्रम में अराफी को परिषद में प्रमुख धार्मिक सदस्य के रूप में शामिल कर उन्हें अस्थायी तौर पर शीर्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है।

खामेनेई की मृत्यु के बाद पहले यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि उनका उत्तराधिकार उनके परिवार से हो सकता है, लेकिन फिलहाल व्यवस्था को स्थिर रखने के लिए धार्मिक नेतृत्व को प्राथमिकता दी गई है। ईरान इस समय बाहरी दबाव और आंतरिक राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में अंतरिम नेतृत्व की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स की प्रक्रिया के तहत स्थायी सर्वोच्च नेता के चयन की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। तब तक देश की कमान अंतरिम परिषद के हाथों में रहेगी, जो मौजूदा परिस्थितियों में स्थिरता बनाए रखने की कोशिश करेगी।