हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार को विधानसभा में वर्ष 2026-27 का करीब सवा दो लाख करोड़ रुपये का कर-रहित बजट पेश करेंगे। वित्त मंत्री के रूप में यह उनका लगातार दूसरा बजट होगा, जिसमें ‘विकसित भारत 2047’ की तर्ज पर ‘विकसित हरियाणा 2047’ की रूपरेखा को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा। सरकार का फोकस राजस्व बढ़ाने से अधिक संसाधनों के स्मार्ट उपयोग और पूंजीगत निवेश पर रहेगा।
बजट में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को विशेष प्राथमिकता दी जा सकती है। 50 हजार युवाओं को एआई प्रशिक्षण देने और अगले छह वर्षों में एक लाख नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा जा सकता है। स्कूल शिक्षा में तीसरी से 12वीं तक एआई आधारित पाठ्यक्रम और उच्च शिक्षा में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने की तैयारी है। ग्रामीण विकास के तहत ‘म्हारा गांव जगमग गांव’ योजना का विस्तार कर 24 घंटे बिजली आपूर्ति मजबूत की जाएगी। सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने, रोडवेज में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने और नई उद्योग नीति के तहत उद्योगों को राहत देने के संकेत हैं।
कृषि क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक लाख एकड़ भूमि को इसके दायरे में लाने की योजना है, जिसे 2047 तक 6.40 लाख हेक्टेयर तक विस्तारित करने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। दलहन फसलों को प्रोत्साहन, नई सब्जी मंडियों की स्थापना और खराब भूमि सुधार कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। डेयरी और पोल्ट्री फार्मों पर सोलर प्लांट लगाने की अनुमति से ऊर्जा लागत घटाने की दिशा में कदम उठाया जाएगा।
खेल क्षेत्र में लगभग 800 करोड़ रुपये के संभावित आवंटन के साथ स्टेडियम उन्नयन और ग्रामीण खेल सुविधाओं के विस्तार पर जोर रहेगा। एक्सप्रेस-वे के पास अंतरराष्ट्रीय खेल गांव विकसित करने की योजना भी बजट का हिस्सा हो सकती है।शिक्षा क्षेत्र में पीएमश्री स्कूलों में एटीएल-स्टेम लैब, एआई और रोबोटिक्स शिक्षा, सभी स्कूलों में ड्यूल डेस्क की व्यवस्था तथा 10वीं के टॉप 100 विद्यार्थियों को देश-विदेश भ्रमण पर भेजने की योजना शामिल हो सकती है। कुल मिलाकर यह बजट तकनीक-सक्षम, आत्मनिर्भर और आधुनिक हरियाणा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।









