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IDFC फर्स्ट बैंक फ्रॉड पर RBI की नजर, गवर्नर बोले- सिस्टम मजबूत, घबराने की जरूरत नहीं

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में सामने आए 590 करोड़ रुपये के कथित घोटाले पर भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई “सिस्टमिक समस्या” नहीं है और बैंकिंग प्रणाली पूरी तरह मजबूत है। उनके अनुसार, इस समय बैंकों की कैपिटल एडिक्वेसी 17% है, जो नियामकीय आवश्यकता 11.5% से काफी अधिक है।

हालांकि इस खबर के बाद शेयर बाजार में बैंक के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई। दोपहर तक शेयर करीब 16% टूटकर 70.39 रुपये पर पहुंच गया, जबकि कारोबार के दौरान एक समय यह 20% तक गिरा। बैंक ने खुलासा किया कि चंडीगढ़ शाखा में कुछ कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार के विशेष खातों में अनधिकृत लेनदेन कर 590 करोड़ रुपये का कथित फ्रॉड किया। चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है और फोरेंसिक ऑडिट के साथ KPMG को स्वतंत्र जांच सौंपी गई है। बैंक ने कहा है कि राशि की रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के अनुसार, यह रकम बैंक की नेटवर्थ का करीब 1% और वित्त वर्ष 2026 के संभावित मुनाफे का लगभग 20% हो सकती है। इस बीच हरियाणा सरकार ने एहतियातन IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ सरकारी लेनदेन रोक दिया है। RBI ने भरोसा दिलाया है कि बैंकिंग सिस्टम स्थिर और सक्षम है।