इंडिया AI समिट में केंद्रीय राज्य मंत्री Jayant Chaudhary ने कहा कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने बताया कि देश में AI के लिए कंप्यूट सुविधा महज ₹65 प्रति घंटा की दर से उपलब्ध कराई जा रही है, जो एक सिनेमा टिकट से भी कम है। सरकार का दावा है कि यह दर दुनिया की सबसे सस्ती दरों में शामिल हो सकती है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह पहल IndiaAI Mission का हिस्सा है। इस मिशन के तहत देशभर में एक लाख से अधिक GPU उपलब्ध कराने की योजना है। यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के जरिए लागू की जाएगी, जिससे सरकारी और निजी क्षेत्र मिलकर मजबूत AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर सकें।
जयंत चौधरी ने माना कि AI की वैश्विक दौड़ में भारत को अभी लंबा रास्ता तय करना है, लेकिन इसे उन्होंने “सेकंड मूवर एडवांटेज” बताया। उनका कहना था कि भारत अन्य देशों के अनुभवों से सीखकर अधिक प्रभावी और तेज निर्णय ले सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि नीतिगत समर्थन और स्पष्ट नेतृत्व से देश संरचनात्मक चुनौतियों को पार कर सकता है। मंत्री ने जोर दिया कि AI का विकास इंसान-केंद्रित होना चाहिए। एक अरब से अधिक आबादी वाले देश में युवाओं को केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता और नवोन्मेषक बनना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रिसर्च की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
साथ ही, उन्होंने बताया कि भारत में बड़े पैमाने पर डेटा तैयार होता है, जिसे AI के जरिए बेहतर तरीके से उपयोग में लाया जा सकता है। सरकार शिक्षा क्षेत्र के लिए एक व्यापक AI स्टैक विकसित करने पर भी विचार कर रही है, ताकि देश की डिजिटल और तकनीकी क्षमता को नई दिशा दी जा सके।









