लोकसभा में शुक्रवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पर आम चर्चा शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हो गई और इसे सोमवार, 9 फरवरी तक स्थगित करना पड़ा। विपक्ष ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और तख्तियां लहराईं, जबकि सदन अध्यक्ष ओम बिरला और कृष्ण कुमार टेनेट्टी ने बार-बार शांत रहने की अपील की।
संसद के निचले सदन में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद केंद्रीय बजट और अन्य नीतियों पर विरोध जताने लगे। भाजपा सहित सभी केंद्रीय मंत्री संशोधित कार्यसूची में अपने नाम के आगे कागजात रखने के लिए उपस्थित हुए, लेकिन विपक्ष के लगातार विरोध के कारण अध्यक्ष को बैठक को दोपहर 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसद अध्यक्ष की कुर्सी के पास पहुंचे और सरकार की आलोचना करते हुए “जो उचित समझो वही करो, तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाए। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा भी सांसदों के साथ शामिल हुईं। इस हंगामे का एक बड़ा कारण भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ प्रदर्शन था, जिसे विपक्ष ने “धोखाधड़ी” करार दिया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर कटाक्ष किया और पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के 2020 के चीन गतिरोध पर उद्धरण न देने को लेकर नाराजगी जताई। इससे पहले भी विपक्ष ने सत्र के दौरान कई बार विरोध प्रदर्शन किया है। अध्यक्ष ने विपक्षी सांसदों द्वारा प्रस्तुत स्थगन प्रस्तावों को खारिज किया, लेकिन बढ़ते तनाव और हंगामे को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही को सोमवार 9 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया।


