प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित मुख्य सचिवों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत के विकास और सशक्त भविष्य पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश अब अगली पीढ़ी के सुधारों की दिशा में अग्रसर है और इसका सबसे बड़ा चालक भारत का युवा वर्ग है। मोदी ने युवाओं को सुधारों के इंजन के रूप में देखते हुए उनके सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
प्रधानमंत्री ने नौकरशाही प्रक्रियाओं को सरल बनाने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर जोर देते हुए ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र को दोहराया। उनका कहना था कि केवल योजनाएं बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उनका क्रियान्वयन और परिणाम भी महत्वपूर्ण हैं। इसके साथ ही उन्होंने राज्यों से मैन्युफैक्चरिंग, सेवा क्षेत्र और कृषि के विकास पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की, ताकि भारत वैश्विक सेवा और उत्पादन महाशक्ति के रूप में उभर सके।
सम्मेलन में स्किल डेवलपमेंट, उच्च शिक्षा, खेल और युवा सशक्तिकरण जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने ‘मेड इन इंडिया’ को गुणवत्ता और विश्वसनीयता का प्रतीक बनाने की दिशा में काम करने पर बल दिया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में उच्च मूल्य वाली फसल, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और बागवानी को बढ़ावा देने की जरूरत बताई, ताकि भारत वैश्विक खाद्य आपूर्ति का प्रमुख केंद्र बन सके।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत की जनसंख्या सिर्फ संख्या नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण मानव पूंजी है, जिसे सशक्त बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास जरूरी है। उन्होंने सभी मुख्य सचिवों से कहा कि राज्य और केंद्र मिलकर योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग करें और विकसित भारत के लक्ष्यों को साकार करें।









