Instagram ने अपने प्लेटफॉर्म पर कंटेंट की गुणवत्ता और सही ऑडियंस तक पहुंच बढ़ाने के लिए एक अहम बदलाव लागू किया है। नए नियम के तहत अब Reels और सामान्य पोस्ट में 5 से ज्यादा हैशटैग लगाने की जरूरत ही नहीं, बल्कि ऐसा करना नुकसानदेह भी हो सकता है। कंपनी का मानना है कि बेवजह और जरूरत से ज्यादा हैशटैग इस्तेमाल करने से एल्गोरिदम कन्फ्यूज होता है और पोस्ट की परफॉर्मेंस पर नकारात्मक असर पड़ता है।
अब तक यूजर्स एक पोस्ट में 30 तक हैशटैग जोड़ सकते थे, लेकिन Instagram ने साफ संकेत दिया है कि अब कम लेकिन प्रासंगिक हैशटैग ही कारगर होंगे। प्लेटफॉर्म का फोकस इस बात पर है कि कंटेंट उन्हीं लोगों तक पहुंचे, जिनकी उसमें वाकई रुचि है। इसी वजह से क्रिएटर्स को सलाह दी गई है कि वे अपने वीडियो या पोस्ट के टॉपिक से सीधे जुड़े हुए हैशटैग ही चुनें।
Instagram का यह भी कहना है कि #viral, #explore या #fyp जैसे आम और ट्रेंडिंग टैग्स लगाने से पोस्ट अपने आप वायरल नहीं होती। कई बार ऐसे हैशटैग कंटेंट की पहचान को कमजोर कर देते हैं और सही ऑडियंस तक पहुंचने में रुकावट बनते हैं। प्लेटफॉर्म अब क्वालिटी कंटेंट, यूजर एंगेजमेंट और रिलिवेंस को ज्यादा अहमियत दे रहा है।
कंपनी के अनुसार, हैशटैग अब Reach बढ़ाने का कोई जादुई तरीका नहीं रहे। एल्गोरिदम अब इस बात पर ज्यादा ध्यान देता है कि लोग आपके कंटेंट पर कितना समय बिताते हैं, उसे लाइक या शेयर करते हैं या नहीं, और वह उनके इंटरेस्ट से कितना मेल खाता है। ऐसे में ढेर सारे हैशटैग जोड़ने से बेहतर है कि क्रिएटर्स अपने कंटेंट को मजबूत बनाएं और सही कैटेगरी से जुड़े सीमित हैशटैग का इस्तेमाल करें।इस बदलाव से साफ है कि Instagram अब “क्वांटिटी” नहीं बल्कि “क्वालिटी” को प्राथमिकता दे रहा है। जो क्रिएटर्स इस नए नियम को समझकर रणनीति बनाएंगे, उनके लिए प्लेटफॉर्म पर ग्रोथ के मौके अभी भी बने रहेंगे।









