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नीले ड्रम केस की आरोपी मुस्कान ने जेल में दिया बेटी को जन्म, नवजात की सुरक्षा और कस्टडी पर उठे सवाल

मेरठ के बहुचर्चित नीले ड्रम हत्या कांड की मुख्य आरोपी मुस्कान रस्तोगी ने जेल में एक बेटी को जन्म दिया है, जिसके बाद मामला एक नई दिशा लेता दिख रहा है। मुस्कान को अचानक पेट दर्द की शिकायत होने पर 23 नवंबर की रात जेल प्रशासन ने उसे मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा। RLM मेडिकल कॉलेज के गायनी वार्ड में भर्ती करने के बाद डॉक्टरों की टीम ने 24 नवंबर शाम 6:50 बजे नॉर्मल डिलीवरी कराई। लगभग ढाई किलो की स्वस्थ बच्ची का नाम मुस्कान ने ‘राधा’ रखा है। माँ और नवजात दोनों अच्छी स्थिति में हैं और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

इस पूरे घटनाक्रम का एक भावनात्मक पहलू यह भी है कि राधा का जन्म उसी तारीख को हुआ है, जब मुस्कान के पति और हत्या केस के पीड़ित सौरभ रस्तोगी का जन्मदिन होता है। मुस्कान पहले से एक बेटी की मां है, जो फिलहाल अपने नाना–नानी की देखभाल में रह रही है। अब सबसे बड़ा प्रश्न नवजात की कस्टडी को लेकर सामने खड़ा है। जेल मैनुअल के अनुसार, कोई भी महिला कैदी अपने बच्चे को अधिकतम छह साल की उम्र तक अपने साथ रख सकती है। उसके बाद बच्चे की परवरिश और भविष्य को लेकर कानूनी निर्णय आवश्यक हो जाता है। यही कारण है कि राधा के भविष्य पर जल्द ही महत्वपूर्ण फैसला होने की संभावना है।

दूसरी ओर, सौरभ के भाई राहुल रस्तोगी ने बच्ची के DNA टेस्ट की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि यदि जांच में यह साबित हो जाता है कि बच्ची उनके परिवार की है, तो वे उसकी परवरिश के लिए पूरी जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं। परिवार का यह भी दावा है कि यदि बच्ची मुस्कान के साथ जेल में रही, तो उसकी सुरक्षा पर खतरा हो सकता है।

फिलहाल अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, राधा पूरी तरह स्वस्थ है और लगातार मां का दूध पी रही है। मुस्कान भी बेटी के जन्म को लेकर बेहद खुश दिखाई दे रही है और प्रसव के बाद मानसिक व शारीरिक रूप से स्थिर बताई जा रही है। नीले ड्रम केस में चल रही न्यायिक प्रक्रिया के बीच नवजात की मौजूदगी ने इस मामले को और जटिल बना दिया है। आने वाले दिनों में अदालत और प्रशासन को बच्ची के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लेने होंगे।