Madhya Pradesh

MPPSC मुख्य परीक्षा पर लगी रोक हटी, करीब 4,000 अभ्यर्थियों को मिली राहत

मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने MPPSC राज्य सेवा परीक्षा (SSE-2025) की मुख्य परीक्षा पर लगी अंतरिम रोक हटा दी है, जिससे लगभग 4,000 अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। अब ये अभ्यर्थी डिप्टी कलेक्टर, DSP और अन्य राज्य स्तरीय पदों के लिए होने वाली मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकेंगे, जिससे लंबे समय से चल रहा उनका इंतजार खत्म हो गया है। यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने इससे पहले 2 अप्रैल 2025 को बिना अनुमति मुख्य परीक्षा कराने पर रोक लगाई थी, जिसे अब हटा लिया गया है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि मामले का जल्द अंतिम निपटारा संभव नहीं है, इसलिए परीक्षा प्रक्रिया को आगे बढ़ने दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए MPPSC को मुख्य परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दे दी। हालांकि, कट-ऑफ अंक सार्वजनिक न करने और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर सुनवाई जारी रहेगी। याचिकाओं में आरक्षित वर्ग के चयन और अनारक्षित पदों पर समायोजन जैसे सवाल उठाए गए हैं, जिन पर अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी।