त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले देश में चीनी की कीमतों और उपलब्धता को लेकर दबाव बढ़ गया है। सप्लाई में कमी के बीच D-Mart, BigBasket, Blinkit और Swiggy Instamart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने ग्राहकों के लिए चीनी की खरीद सीमित कर दी है। कई जगह एक ग्राहक को 3 से 5 किलो तक चीनी खरीदने की अनुमति दी जा रही है।
पिछले दो महीनों में चीनी की खुदरा कीमतों में करीब 40 फीसदी की बढ़ोतरी बताई जा रही है। मिल-स्तर पर कीमतें जून के शुरुआती सप्ताह में करीब 41 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 65 रुपये तक पहुंच गई थीं। हालांकि, सरकारी कदमों के बाद इस सप्ताह कीमत लगभग 58 रुपये प्रति किलो पर आ गई है।
इस संकट के पीछे अनुमान से कम उत्पादन, करीब 8 लाख टन चीनी का निर्यात और बाजार में जमाखोरी जैसे कारण बताए जा रहे हैं। सरकार ने घरेलू आपूर्ति सुधारने के लिए 10 लाख टन चीनी के आयात को मंजूरी दी है। वहीं, घरेलू कीमतों में तेजी के बाद चीनी के निर्यात पर भी रोक लगाई जा चुकी है।
चीनी की महंगाई का असर पैकेज्ड फूड कंपनियों पर भी पड़ रहा है। कंपनियों का कहना है कि बढ़ी लागत के कारण उत्पादों की कीमतों में करीब 5-6 फीसदी तक बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। त्योहारी मांग बढ़ने के बीच चीनी की कीमतें और सप्लाई आने वाले दिनों में बाजार के लिए अहम मुद्दा बनी रहेंगी।


