भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को कमजोरी के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 332 अंक यानी 0.44 प्रतिशत गिरकर 75,800 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 86 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,692 पर कारोबार करता नजर आया। बाजार में बिकवाली का दबाव खासतौर पर आईटी और रियल्टी शेयरों में देखने को मिला। शुरुआती कारोबार के दौरान कई प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे। इनमें सर्विसेज, ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, इंफ्रा, प्राइवेट बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, कंजप्शन, ऑयल एंड गैस और पीएसयू बैंक शामिल रहे। हालांकि, डिफेंस, मेटल, पीएसई और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
बाजार की कमजोरी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव नजर आया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 करीब 0.16 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप 100 भी लगभग 0.16 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था। सेंसेक्स के प्रमुख गिरने वाले शेयरों में ट्रेंट, एमएंडएम, सन फार्मा, टीसीएस, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, टेक महिंद्रा, मारुति सुजुकी, एचसीएल टेक और एसबीआई समेत कई दिग्गज कंपनियां शामिल रहीं। वहीं, बीईएल, इटरनल, अदाणी पोर्ट्स और बजाज फिनसर्व में तेजी देखी गई।
एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुख रहा। टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक, सियोल और जकार्ता बढ़त में रहे, जबकि हांगकांग में गिरावट रही। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, ऊंची कच्चे तेल की कीमतें, आईटी शेयरों में बिकवाली, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और आईपीओ बाजार में बढ़ती गतिविधियां निवेशकों पर दबाव बना रही हैं। हालांकि, कमजोर कीमतों के बीच मजबूत फंडामेंटल वाले लार्ज-कैप शेयर निवेशकों के लिए अवसर भी बन सकते हैं।


