भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। दोपहर करीब 2:30 बजे सेंसेक्स 1,200 अंकों से ज्यादा टूटकर करीब 73,600 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं, निफ्टी में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। बीएसई के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स के सभी शेयर उस समय लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व और बजाज फाइनेंस जैसे शेयरों में करीब 4 से 6 फीसदी तक की गिरावट दर्ज हुई। बीमा क्षेत्र के शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला। PB फिनटेक के शेयरों में करीब 28 फीसदी तक की गिरावट आई, जबकि टर्टलमिंट के शेयर भी लगभग 20 फीसदी तक फिसले।
बाजार में इस गिरावट की एक प्रमुख वजह बीमा नियामक IRDAI के प्रस्तावित ड्राफ्ट को माना जा रहा है। IRDAI ने बीमा वितरण व्यवस्था में बदलाव के तहत कमीशन को लेकर नए नियमों का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य बीमा वितरण की लागत कम करना, बैंकों द्वारा बीमा उत्पादों की अनिवार्य बिक्री पर अंकुश लगाना और कमीशन पर सीमा तय करना है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रस्तावित बदलावों का असर बैंकों और बीमा कंपनियों की कमाई पर पड़ सकता है।
हालांकि, बाजार में कमजोरी के पीछे केवल घरेलू कारण नहीं हैं। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी, अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों का 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाना और ईरान-अमेरिका तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। विशेषज्ञों के अनुसार, महंगा क्रूड भारत के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव डाल सकता है। वहीं, वैश्विक बॉन्ड यील्ड बढ़ने से विदेशी निवेश प्रभावित होने और रुपये पर दबाव बढ़ने की आशंका है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब कच्चे तेल, वैश्विक यील्ड, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और केंद्रीय बैंकों के फैसलों पर बनी रहेगी।


