पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित 10 जनपथ पहुंचकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद हुई इस मुलाकात को पंजाब कांग्रेस में संभावित नेतृत्व बदलाव के लिहाज से अहम माना जा रहा है। मुलाकात के बाद वड़िंग ने बताया कि उन्होंने राहुल गांधी को औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के साथ उनकी बातचीत बेहद सकारात्मक रही और उन्हें राहुल गांधी से काफी स्नेह मिला। वड़िंग के अनुसार, बैठक में पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात, राज्य सरकार की स्थिति और कांग्रेस को आगे किस रणनीति के साथ काम करना चाहिए, जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
वड़िंग ने अपने कार्यकाल के दौरान सामने आई चुनौतियों और पंजाब में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति को लेकर भी राहुल गांधी के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि पार्टी की मजबूती और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से बातचीत हुई। इस्तीफे को लेकर वड़िंग ने स्पष्ट किया कि उनसे पद छोड़ने के लिए नहीं कहा गया था, बल्कि उन्होंने स्वयं इस्तीफा देने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने कार्यकाल को लेकर कोई पछतावा नहीं है और फिलहाल वह कुछ दिनों का आराम लेना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि कांग्रेस के साथ उनका जुड़ाव आगे भी बना रहेगा और पार्टी को जब उनकी जरूरत होगी, वह उपलब्ध रहेंगे। वड़िंग के इस्तीफे के बाद पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। संभावित नामों में विजय इंदर सिंगला के अलावा परगट सिंह, राणा केपी सिंह, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा का नाम भी सामने आ रहा है। पार्टी की ओर से नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा का इंतजार है।


