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विकसित भारत के लिए पीएम मोदी का बड़ा रोडमैप, ‘सप्तधारा’ से आत्मनिर्भरता और युवाशक्ति पर जोर

देशभर में 15 अगस्त को आजादी का जश्न मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य के साथ आत्मनिर्भरता, युवाशक्ति, तकनीक और आर्थिक मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को अब छोटे लक्ष्य नहीं, बल्कि बड़े सपने लेकर आगे बढ़ना होगा।

पीएम मोदी ने विकसित भारत के लिए ‘सप्तधारा’ का विजन सामने रखा। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, तकनीक और इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा, ग्रीन एवं ब्लू इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर को प्रमुख आधार बताया गया। उन्होंने कहा कि भारत को लागत, गुणवत्ता और बड़े पैमाने पर उत्पादन के मामले में दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बनानी होगी।

प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स और ऊर्जा सुरक्षा को भविष्य के लिए बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि देश में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो चुके हैं और आने वाले समय में कई और प्लांट लगाए जाएंगे। साथ ही 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य रखा गया है।

मोदी ने युवाओं को विकसित भारत का सबसे बड़ा लाभार्थी और भागीदार बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले दशक में फॉर्च्यून-500 कंपनियों में भारत की 50 कंपनियां शामिल करने का लक्ष्य क्यों नहीं रखा जा सकता। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का भी जिक्र किया।

महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए सभी राजनीतिक दलों से महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने की दिशा में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि 2047 के विकसित भारत का लक्ष्य अब केवल सपना नहीं, बल्कि देश के सामूहिक संकल्प और सामर्थ्य पर आधारित मिशन है।