चेन्नई में पालतू जानवरों को सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर खुला छोड़ना अब मालिकों के लिए महंगा पड़ सकता है। ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन ने ऐसे मामलों में 25 हजार रुपये तक जुर्माना लगाने का प्रावधान किया है। यह कदम सड़कों पर खुले घूमते पालतू जानवरों को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उठाया गया है।
नगर निगम अब लाइसेंस प्राप्त पालतू जानवरों की पहचान के लिए माइक्रोचिप आधारित व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है। माइक्रोचिप में मालिक का नाम, पता और फोन नंबर के साथ एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन से संबंधित डिजिटल जानकारी दर्ज होगी। सड़क पर कोई लाइसेंस प्राप्त पालतू जानवर खुला घूमता मिला तो स्कैनर की मदद से चिप को पढ़कर उसके मालिक की पहचान की जा सकेगी।
नई व्यवस्था से निगम को लापरवाही करने वाले पेट ओनर्स के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह भी जांचा जा सकेगा कि जानवर को समय पर जरूरी टीके लगाए गए हैं या नहीं। चेन्नई में पालतू जानवर रखने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है। यह नियम अर्बन लोकल बॉडीज एक्ट, 1998 की धारा 292 और 2023 में बनाए गए नियमों के तहत लागू है। ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के अनुसार, जुलाई 2026 तक 78,232 पेट ओनर्स ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर लाइसेंस हासिल कर चुके हैं। अब माइक्रोचिप ट्रैकिंग से नियमों का पालन सुनिश्चित करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।


