न्यूयॉर्क के मेयर चुनाव में भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट सांसद जोहरान ममदानी ने जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। 34 साल के ममदानी अब न्यूयॉर्क सिटी के पहले मुस्लिम और दक्षिण एशियाई मेयर बन गए हैं। उनके चुनावी मंच में किफायती आवास, सार्वजनिक परिवहन और बच्चों की देखभाल जैसी प्रमुख सामाजिक समस्याओं का समाधान शामिल था।
हालांकि, उनके राष्ट्रपति बनने की संभावनाओं पर सवाल उठ रहे हैं। अमेरिका के संविधान के अनुच्छेद II के अनुसार, राष्ट्रपति बनने के लिए जन्मजात अमेरिकी नागरिक होना जरूरी है। ममदानी का जन्म 1991 में युगांडा में हुआ और उनके माता-पिता भारतीय-युगांडी हैं। वे 2018 में प्राकृतिक नागरिकता (naturalized citizen) के जरिए अमेरिकी नागरिक बने, इसलिए संविधान के अनुसार राष्ट्रपति पद के लिए अयोग्य हैं।
उनकी जीत ने शहर में आप्रवासियों के योगदान और अधिकारों को उजागर किया। ममदानी ने अपने विजय भाषण में कहा कि न्यूयॉर्क हमेशा आप्रवासी शहर रहेगा और अब इसे एक आप्रवासी नेतृत्व दे रहा है। उनकी जीत स्थानीय और राज्य स्तर की राजनीति में बड़ी ताकत के रूप में देखी जा रही है, जबकि राष्ट्रपति पद अभी उनके लिए संविधानिक रूप से बंद है।









