देशभर में LPG और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए सरकार ने नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं। इन नियमों के तहत ऐसे परिवार जिनके घर में PNG कनेक्शन लग चुका है, उन्हें अब 30 दिनों के भीतर अपने पुराने LPG कनेक्शन की स्थिति स्पष्ट करनी होगी। तय समय सीमा में आवश्यक प्रक्रिया पूरी न करने पर अतिरिक्त या अनावश्यक कनेक्शन पर कार्रवाई की जा सकती है।
नए नियमों के अनुसार, एक ही रसोई के लिए एक घरेलू गैस कनेक्शन पर्याप्त माना जाएगा। यदि जांच के दौरान किसी परिवार के नाम पर एक से अधिक LPG कनेक्शन पाए जाते हैं, तो अतिरिक्त कनेक्शन को नियमों के तहत बंद या हटाया जा सकता है। इसका उद्देश्य गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और दुरुपयोग को रोकना बताया जा रहा है।
हालांकि, उपभोक्ताओं के लिए कुछ राहत भी दी गई है। जो लोग स्वेच्छा से अपना अतिरिक्त LPG कनेक्शन सरेंडर करेंगे, उन्हें अपने मौजूदा कनेक्शन को Double Bottle Connection (DBC) में बदलने का विकल्प मिल सकता है। इससे उपभोक्ताओं को एक अतिरिक्त सिलेंडर रखने की सुविधा मिलती है, जिससे गैस खत्म होने की स्थिति में असुविधा नहीं होती।
इसके अलावा, LPG कनेक्शन बंद करने पर उपभोक्ताओं को Transfer Voucher भी जारी किया जाएगा। यह सुविधा उन लोगों के लिए उपयोगी है जो नौकरी, पढ़ाई या अन्य कारणों से ऐसे स्थानों पर जा सकते हैं जहाँ PNG सेवा उपलब्ध नहीं है। इस वाउचर के माध्यम से भविष्य में LPG कनेक्शन को फिर से सक्रिय करना आसान होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये बदलाव विशेष रूप से नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, किराएदारों और स्थानांतरित होने वाले परिवारों के लिए लाभकारी होंगे। इससे न केवल व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी, बल्कि घरेलू गैस कनेक्शनों के अनावश्यक उपयोग पर भी रोक लगेगी।









