भारत सरकार ने अपनी विदेश व्यापार नीति (FTP) 2023 में बड़ा बदलाव करते हुए जबरन मजदूरी (Forced Labour) से पूरी तरह या आंशिक रूप से तैयार किए गए सामानों के आयात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इस संबंध में विदेश व्यापार महानिदेशक (DGFT) और भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव लव अग्रवाल ने अधिसूचना जारी की है। नया नियम राजपत्र में प्रकाशित होने के 30 दिन बाद लागू होगा।
सरकार के अनुसार, समय-समय पर जांच के आधार पर ऐसे उत्पादों की पहचान की जाएगी, जिनके निर्माण में जबरन मजदूरी का इस्तेमाल हुआ है। इसके बाद अधिसूचना जारी कर उन सामानों के आयात पर रोक लगाई जा सकेगी। जांच की प्रक्रिया हैंडबुक ऑफ प्रोसीजर्स 2023 के तहत तय नियमों के अनुसार होगी। फिलहाल सरकार ने उन उत्पादों की सूची जारी नहीं की है, लेकिन कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरियां, सोलर पैनल, सी-फूड और धातु जैसे क्षेत्रों पर भविष्य में इसका असर पड़ सकता है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका भारत सहित कई देशों की व्यापार नीतियों की जांच कर रहा है और आरोप लगा रहा है कि कुछ देश जबरन मजदूरी से बने सामानों के आयात को रोकने में पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे। ऐसे में भारत का यह कदम न केवल पारदर्शी और जिम्मेदार व्यापार व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक व्यापार मानकों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।


