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जोजिला टनल में ऐतिहासिक ब्रेकथ्रू पूरा, 2028 तक जनता के लिए खुलेगा मार्ग

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी जोजिला टनल परियोजना में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई, जब सुरंग के भीतर अंतिम 2.5 मीटर हिस्से का सफलतापूर्वक ब्रेकथ्रू पूरा किया गया। इस मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रिमोट से विस्फोट कर इस चरण को औपचारिक रूप से पूरा किया। कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

करीब 13.153 किलोमीटर लंबी यह सुरंग देश की सबसे लंबी सिंगल-ट्यूब टनल मानी जा रही है, जिसमें दोनों दिशाओं में एक ही ट्यूब से यातायात संचालित होगा। यह सुरंग लगभग 11,578 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और इसे सोनमर्ग (बालटाल क्षेत्र) को लद्दाख के द्रास–कारगिल क्षेत्र से जोड़ेगी।

करीब 6,500 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना का निर्माण मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर्स लिमिटेड (MEIL) द्वारा किया जा रहा है। अत्यधिक ऊंचाई, कठोर मौसम, भारी बर्फबारी और भूस्खलन जैसी चुनौतियों के बावजूद इंजीनियरिंग टीम ने कई तकनीकी बाधाओं को पार किया। राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के अधिकारियों ने बताया कि सुरंग का करीब 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और इसके फरवरी 2028 तक आम जनता के लिए खोल दिए जाने की संभावना है।

इस टनल के पूरा होने के बाद कश्मीर से लद्दाख तक की यात्रा, जो पहले कई घंटों में पूरी होती थी, केवल 15 से 30 मिनट में संभव हो सकेगी। यह मार्ग सालभर खुला रहेगा, जिससे सर्दियों में बंद रहने वाली सड़क की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। परियोजना को क्षेत्रीय संपर्क, पर्यटन, व्यापार और स्थानीय रोजगार के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि यह सुरंग रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टियों से इस पूरे क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।