आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। बुधवार तड़के प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जालंधर कैंट स्थित उनके आवास पर छापेमारी की। यह कार्रवाई सुबह करीब 5 बजे शुरू हुई, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी की यह कार्रवाई किसी वित्तीय अनियमितता से जुड़े मामले की जांच के तहत की जा रही है। हालांकि अभी तक एजेंसी की ओर से आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। अशोक मित्तल शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए भी जाने जाते हैं और वे लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के संस्थापक हैं, जिसे देश की प्रमुख निजी विश्वविद्यालयों में गिना जाता है।
हाल ही में उन्हें राज्यसभा में पार्टी का उपनेता नियुक्त किया गया था, जहां उन्होंने राघव चड्ढा की जगह ली थी। इस बदलाव के बाद उनकी राजनीतिक भूमिका और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। मित्तल पहले भी कई सामाजिक और शैक्षिक पहलों के लिए चर्चा में रहे हैं। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा भी रह चुके हैं। हाल ही में DMK सांसद कनिमोझी करुणानिधि की अध्यक्षता में एक बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल में भी उनकी भागीदारी रही थी, जो विभिन्न देशों के दौरे पर गया था।
इसके अलावा, 2024 में दिल्ली की राजनीति में बदलाव के दौरान जब मुख्यमंत्री आवास को लेकर चर्चा हुई थी, तब मित्तल ने सार्वजनिक रूप से सहायता की पेशकश करते हुए पार्टी नेतृत्व के प्रति समर्थन जताया था। ईडी की इस ताज़ा कार्रवाई ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी है, जबकि जांच के नतीजों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।









