असम और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में देर शाम अचानक दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार रात करीब 9:10 बजे आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.2 मापी गई। झटके इतने हल्के से मध्यम थे कि कई इलाकों में लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
इससे पहले रविवार देर रात भी क्षेत्र में तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उस दौरान असम के साथ-साथ मेघालय और पूर्वोत्तर भारत के अन्य राज्यों में भी कंपन दर्ज किया गया था। बताया गया कि भूटान के पास लगभग 5.7 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका असर करीब 252 किलोमीटर दूर तक महसूस किया गया।
पूर्वोत्तर भारत भूकंप के लिहाज से एक संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, जहां समय-समय पर छोटे-बड़े झटके आते रहते हैं। इसका मुख्य कारण इस क्षेत्र की जटिल भूगर्भीय संरचना और टेक्टोनिक प्लेटों की सक्रियता है। वैज्ञानिकों के अनुसार भारतीय प्लेट लगातार उत्तर दिशा की ओर बढ़ते हुए यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है। करोड़ों वर्षों से चल रही इस टक्कर ने हिमालय पर्वत श्रृंखला का निर्माण किया है और यह प्रक्रिया आज भी जारी है।
प्लेटों के बीच लगातार बन रहे दबाव के कारण ऊर्जा अचानक मुक्त होती है, जिससे भूकंप आते हैं। इसके अलावा असम और आसपास के क्षेत्रों में कई सक्रिय फॉल्ट लाइनें मौजूद हैं, जहां चट्टानों की हलचल लगातार होती रहती है। यही कारण है कि असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, नागालैंड और त्रिपुरा जैसे राज्यों में भूकंपीय गतिविधियां सामान्य रूप से देखी जाती हैं।









