दिल्ली से देहरादून का सफर अब जल्द ही पूरी तरह बदलने वाला है। करीब 210 किलोमीटर लंबा दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर लगभग बनकर तैयार हो चुका है और फरवरी के दूसरे सप्ताह से इसके आम लोगों के लिए खुलने की संभावना है। करीब 13,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के शुरू होते ही दिल्ली से देहरादून की दूरी महज ढाई से तीन घंटे में तय की जा सकेगी।
NHAI के मुताबिक एक्सप्रेसवे के चारों चरणों का 99 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा हो चुका है और बचे हुए छोटे काम अगले कुछ दिनों में पूरे कर लिए जाएंगे। इस कॉरिडोर में आधुनिक एक्सेस-कंट्रोल हाईवे, बेहतर राइड क्वालिटी, सुरक्षित अंडरपास, इंटरचेंज, टोल प्लाजा और पिट स्टॉप जैसी सुविधाएं दी गई हैं। कारों के लिए अधिकतम गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा और ट्रकों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है।
FASTag एनुअल पास धारकों के लिए चार टोल पार करने का खर्च करीब 60 रुपये बताया जा रहा है, जबकि सामान्य यात्रियों को लगभग 500 रुपये देने होंगे। इस एक्सप्रेसवे के खुलने से देहरादून, मसूरी, हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे पर्यटन स्थलों को बड़ा फायदा मिलेगा। साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के किसानों व कारोबारियों को भी अपने उत्पाद तेजी से बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।









