चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार, 6 अक्टूबर को ‘इंडिया’ ब्लॉक के करीब 19 दलों के नेता दिल्ली की सड़कों पर उतरे। विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च निकाला और इस दौरान ‘Save My Vote’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर भी हाथों में ले रखे थे। मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। सभी सांसद सुबह करीब 10:30 बजे संसद भवन के मकर द्वार पर एकत्र हुए, जिसके बाद पैदल मार्च शुरू हुआ।
विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल हैं। विपक्षी दल चुनाव आयोग से अपनी चिंताओं का जवाब मांगने के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग भी कर रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी-एसपी, शिवसेना यूबीटी, आरजेडी, वाम दलों, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, जेएमएम, आईयूएमएल समेत कई दल शामिल हुए। हालांकि आम आदमी पार्टी और डीएमके इस मार्च का हिस्सा नहीं हैं। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। संसद मार्ग, चुनाव आयोग कार्यालय और आसपास के इलाकों में 3 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग भी की गई। कांग्रेस नेता जयराम रमेश के मुताबिक, यह अभियान सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा। विपक्षी दल आगे ब्लॉक, राज्य और जिला स्तर पर बैठकें और पदयात्राएं करेंगे। ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के जरिए मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को जनता तक पहुंचाने की तैयारी है।


