देशभर में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने शुक्रवार को कई राज्यों और शहरों में विरोध प्रदर्शन किया। चंडीगढ़, लखनऊ, देहरादून, पटना और कोलकाता समेत कई जगहों पर कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। दिल्ली में भी चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई और प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भी कांग्रेस विधायकों ने CEC के खिलाफ नारेबाजी की। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही निजामुद्दीन भट, इरफान हाफिज लोन और इफ्तिखार अहमद ने प्रदर्शन किया। विधायकों ने ‘वोट बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ जैसे नारे लगाए। चंडीगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। जम्मू में भी सुरक्षा के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उत्तराखंड के देहरादून में कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने CEC को पद से हटाने के साथ उनके खिलाफ FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस 25 सितंबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च निकालेगी। दरअसल, द इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं। चुनाव आयोग ने इन आपत्तियों को सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए कहा कि SIR समेत सभी अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। इस बीच, राहुल गांधी ने भी CEC पर गंभीर आरोप लगाए हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई है।


