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चीन ने बनाया सुपरकंडक्टिंग मैग्लेव में नया वर्ल्ड रिकॉर्ड, 2 सेकंड में 700 किमी/घंटा की रफ्तार

हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी में चीन ने एक बार फिर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी (NUDT) की रिसर्च टीम ने सुपरकंडक्टिंग मैग्लेव सिस्टम में नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया है। परीक्षण के दौरान 1 टन वजन वाले एक टेस्ट व्हीकल को महज 2 सेकंड में 0 से 700 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंचाया गया। यह प्रयोग 400 मीटर लंबी मैग्लेव ट्रैक पर किया गया, जहां इतनी तेज स्पीड के बाद भी व्हीकल को सुरक्षित तरीके से रोक लिया गया। यह कोई पैसेंजर ट्रेन नहीं, बल्कि रिसर्च के लिए तैयार किया गया स्लेज जैसा टेस्ट व्हीकल था। इस दौरान लगभग 97 मीटर प्रति सेकंड स्क्वायर की एक्सेलरेशन हासिल हुई, जो करीब 9.9g फोर्स के बराबर है। इतनी अधिक फोर्स इंसानों के लिए असहनीय मानी जाती है।

इस उपलब्धि की सबसे बड़ी खासियत सुपरकंडक्टिंग मैग्लेव टेक्नोलॉजी है, जिसमें मैग्नेटिक फोर्स के जरिए व्हीकल को ट्रैक से ऊपर हवा में तैराया जाता है। इससे घर्षण लगभग समाप्त हो जाता है और बेहद तेज गति संभव होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक भविष्य में अल्ट्रा हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट, वैक्यूम ट्यूब मैग्लेव, हाइपरलूप और यहां तक कि स्पेस टेक्नोलॉजी में भी अहम भूमिका निभा सकती है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह प्रयोग हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट की दिशा में एक बड़ा तकनीकी ब्रेकथ्रू माना जा रहा है।