Delhi

दिल्ली में पेट्रोल-CNG वाहनों पर ग्रीन सेस का प्रस्ताव, EV को मिलेगा बढ़ावा

दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए पेट्रोल और CNG गाड़ियों पर 1 से 2 प्रतिशत ग्रीन सेस लगाने की तैयारी कर रही है। यह प्रस्ताव ड्राफ्ट इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2.0 का हिस्सा है, जिसके लागू होने से पारंपरिक ईंधन से चलने वाले वाहन महंगे हो सकते हैं। सरकार का उद्देश्य प्रदूषण को कम करना और राजधानी में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना है।

फिलहाल दिल्ली में डीजल वाहनों पर 1 प्रतिशत ग्रीन सेस लगता है, जिसे बढ़ाकर 2 प्रतिशत किया जा सकता है। नई नीति के तहत सभी इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) वाली गाड़ियों को ग्रीन सेस के दायरे में लाने की योजना है। इससे मिलने वाली राशि का उपयोग EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वच्छ परिवहन सुविधाओं के विकास में किया जाएगा।

दिल्ली में पहली EV नीति अगस्त 2020 में लागू की गई थी, जिसमें केवल डीजल वाहनों पर सेस लगाया गया था। EV पॉलिसी 2.0 के तहत सरकार EV रजिस्ट्रेशन पर दी जा रही छूट से हुए राजस्व नुकसान की भरपाई भी ग्रीन सेस के जरिए करना चाहती है। अधिकारियों के अनुसार ड्राफ्ट नीति जनवरी में जारी हो सकती है और मार्च तक अंतिम रूप दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि ग्रीन सेस से पारंपरिक गाड़ियां महंगी होंगी और लोग EV खरीदने के लिए प्रेरित होंगे, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी।