अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने के उद्देश्य से कैरेबियन सागर में अपना सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर ‘यूएसएस जेराल्ड फोर्ड’ भेजा है. इस युद्धपोत पर 5,000 सैनिक और 75 फाइटर जेट तैनात हैं. अमेरिका के आठ युद्धपोत पहले से ही क्षेत्र में मौजूद हैं, जिनमें लगभग 6,000 नाविक और मरीन तैनात हैं. नए स्ट्राइक ग्रुप में पांच विध्वंसक जहाज और 4,500 अतिरिक्त कर्मी शामिल किए गए हैं.
पेंटागन के प्रवक्ता सीन पर्नेल ने बताया कि यह तैनाती अमेरिका की सुरक्षा और पश्चिमी गोलार्ध की स्थिरता को खतरे में डालने वाली अवैध गतिविधियों का मुकाबला करने की दिशा में उठाया गया कदम है. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि यह एयरक्राफ्ट कैरियर लैटिन अमेरिका कब पहुंचेगा. रिपोर्टों के मुताबिक, हाल ही में यह युद्धपोत यूरोप के जिब्राल्टर जलडमरूमध्य से होकर गुजरा है.
यूएसएस जेराल्ड फोर्ड दुनिया का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर है. अमेरिका ने हाल के महीनों में कैरेबियन क्षेत्र में कई हवाई हमले किए हैं, जिनमें कथित ड्रग नेटवर्क से जुड़े 40 लोगों की मौत हुई, जिनमें कुछ वेनेजुएला नागरिक भी शामिल थे. वहीं राष्ट्रपति मादुरो ने अमेरिका पर अपनी सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया है. वॉशिंगटन ने मादुरो की गिरफ्तारी से जुड़ी सूचना के लिए इनाम बढ़ाकर 50 मिलियन डॉलर कर दिया है, जबकि मादुरो इन सभी आरोपों को सिरे से नकार चुके हैं.









