पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच ममता बनर्जी के गुट की ओर से उम्मीदवार घोषित की गईं संचिता प्रधान ने शुक्रवार को राज्य सचिवालय नबान्न पहुंचकर शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, अभी तक उनके बीजेपी में शामिल होने या शुभेंदु अधिकारी के समर्थन में आने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संचिता प्रधान को कुछ दिन पहले ही ममता बनर्जी के गुट ने नंदीग्राम उपचुनाव के लिए अपना प्रत्याशी घोषित किया था। ऐसे समय में उनका शुभेंदु अधिकारी से मिलना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि नंदीग्राम लंबे समय से अधिकारी के मजबूत राजनीतिक प्रभाव वाला क्षेत्र रहा है।
2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला हुआ था। इस चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने जीत हासिल की थी। इसके बाद वह विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बने। 2026 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने नंदीग्राम से जीत दर्ज की, लेकिन बाद में सीट छोड़ दी। इसी वजह से यहां उपचुनाव की स्थिति बनी। नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। ममता बनर्जी के गुट ने संचिता प्रधान को मैदान में उतारा है। वहीं, ऋतब्रत बनर्जी गुट की ओर से मोहम्मद एतेशामुल हक उम्मीदवार हैं। कांग्रेस और वाम दलों ने भी अपने प्रत्याशी घोषित किए हैं। इस बीच तृणमूल कांग्रेस के नाम और पारंपरिक चुनाव चिन्ह को लेकर दोनों गुटों के बीच विवाद जारी है। चुनाव आयोग ने फिलहाल दोनों पक्षों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह के साथ उपचुनाव लड़ने का निर्देश दिया है।


