मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन 30 अक्टूबर को दिल्ली में ‘सार्वजनिक महाभियोग’ कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के 10 राजाजी मार्ग स्थित सरकारी आवास पर होने वाले इस आयोजन में विपक्षी दलों के करीब 150 से 200 सांसदों और नेताओं के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम दोपहर 3:30 बजे से शाम 6 बजे तक चल सकता है। इसके लिए मंच, टेंट, लाइटिंग और लाइव प्रसारण की व्यवस्था की जा रही है।
इस कार्यक्रम को लेकर गठबंधन के भीतर कई विकल्पों पर चर्चा हुई। शुरुआती विचार मॉक पार्लियामेंट आयोजित करने का था, जिसमें सत्ता पक्ष, विपक्ष और स्पीकर की भूमिका निभाने वाले नेता संसद की तरह कार्यवाही करते। हालांकि, कुछ नेताओं ने आशंका जताई कि इससे संसद की गरिमा को लेकर विवाद खड़ा हो सकता है। इसके बाद अदालत जैसी कार्यवाही का विकल्प भी सामने आया, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया की नकल करने पर सवाल उठने के कारण इस विचार को भी आगे नहीं बढ़ाया गया।
अब कार्यक्रम को एक अलग राजनीतिक मंच के रूप में आयोजित करने की तैयारी है। इसकी अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार करेंगी। खरगे ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पेश करेंगे, जबकि मुख्य चुनाव आयुक्त के विरुद्ध आरोपों से जुड़ी चार्जशीट भी रखी जाएगी। विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के अलावा नागरिक समाज के सदस्यों और SIR से प्रभावित लोगों को भी अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा। राहुल गांधी के अंत में संबोधन करने की संभावना है। आयोजन की जिम्मेदारी प्रियंका गांधी संभाल रही हैं।
INDIA गठबंधन इस कार्यक्रम के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करना चाहता है। हालांकि, यह सार्वजनिक महाभियोग संवैधानिक रूप से ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की प्रक्रिया नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 324(5) के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जैसी औपचारिक संसदीय प्रक्रिया अपनानी होती है। इसके लिए संसद के दोनों सदनों की निर्धारित भूमिका जरूरी है।


