Punjab

पंजाब में नशा तस्करी पर शिकंजा कसने की तैयारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मिली विशेष शक्तियां

पंजाब में नशा तस्करी पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने पुलिस प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। गृह विभाग की ओर से 21 अक्टूबर को जारी अधिसूचना के तहत पुलिस कमिश्नरों, रेंज प्रभारियों और छह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विशेष रूप से अधिकृत किया गया है। इस फैसले का उद्देश्य नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी की रोकथाम से जुड़े कानून के तहत जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और अधिकार क्षेत्र को स्पष्ट करना है।

सरकार ने यह आदेश अवैध नशीले पदार्थों और मन:प्रभावी पदार्थों की तस्करी की रोकथाम अधिनियम, 1988 की धारा 3(1) के तहत जारी किया है। अधिसूचना के अनुसार, आइजीपी रैंक या उससे ऊपर के पुलिस कमिश्नर अपने संबंधित कमिश्नरेट में इन विशेष शक्तियों का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसी तरह, पुलिस रेंज की जिम्मेदारी संभाल रहे आइजीपी या उससे वरिष्ठ अधिकारी भी अपने क्षेत्र में अधिकृत होंगे।

छह वरिष्ठ अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

अधिसूचना में छह अधिकारियों को उन पुलिस कमिश्नरेट, रेंज और मुख्यालय इकाइयों के लिए अधिकृत किया गया है, जहां आइजीपी रैंक का अधिकारी तैनात नहीं है। इनमें डीजीपी ट्रैफिक एएस राय, एडीजीपी गौतम चीमा, एडीजीपी इंटरनल सिक्योरिटी शिव वर्मा, एडीजीपी सिक्योरिटी कौस्तुभ शर्मा, एडीजीपी इंटरनल विजिलेंस सेल नौनिहाल सिंह और आइजीपी प्रोविजनिंग एस. भूपति शामिल हैं। इन अधिकारियों का क्षेत्राधिकार डीजीपी पंजाब प्रशासनिक स्तर पर निर्धारित करेंगे। इससे उन पुलिस इकाइयों में अधिकृत अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने में मदद मिलेगी, जहां आइजीपी स्तर का अधिकारी उपलब्ध नहीं है।

नशा तस्करी पर कार्रवाई को मिलेगी दिशा

पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से कानून-व्यवस्था और जनस्वास्थ्य के लिए चुनौती बनी हुई है। तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना और अवैध सप्लाई चेन पर रोक लगाना पुलिस के सामने बड़ी जिम्मेदारी है। मानसा में 13 अक्टूबर को परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद भी नशा तस्करी का मुद्दा चर्चा में रहा। हालांकि, नई अधिसूचना में किसी विशेष अभियान, गिरफ्तारी के लक्ष्य या कार्रवाई की समयसीमा का उल्लेख नहीं किया गया है।