केंद्र सरकार ने रेलवे कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानी UPS से जुड़े नियम और गाइडलाइंस स्पष्ट कर दी हैं। नए प्रावधानों के तहत 25 साल की क्वालिफाइंग सर्विस पूरी करने वाले कर्मचारियों को रिटायरमेंट से पहले के 12 महीनों के औसत बेसिक वेतन का 50 फीसदी एश्योर्ड पेंशन के रूप में मिलेगा। वहीं, NPS के तहत आने वाले मौजूदा कर्मचारियों को UPS में शामिल होने का एक बार विकल्प दिया गया है। UPS का लाभ मुख्य रूप से उन रेलवे कर्मचारियों को मिलेगा, जिनकी नियुक्ति 1 जनवरी 2004 या उसके बाद हुई है और वे NPS के दायरे में आते हैं। कैजुअल, दिहाड़ी और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों समेत कुछ अन्य श्रेणियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। UPS में कर्मचारी हर महीने बेसिक पे और DA का 10 फीसदी अपने UPS अकाउंट में जमा करेगा, जबकि रेलवे भी 10 फीसदी योगदान करेगा। सरकार पूल कॉर्पस में करीब 8.5 फीसदी अतिरिक्त योगदान करेगी।
10 साल की सर्विस पूरी करने पर न्यूनतम 10 हजार रुपये मासिक पेंशन का प्रावधान है, जबकि 10 से 25 साल के बीच सेवा होने पर पेंशन आनुपातिक आधार पर तय होगी। कर्मचारी की मृत्यु होने पर पात्र परिवार को पेंशन का 60 फीसदी फैमिली पेंशन के रूप में मिलेगा। इस पर महंगाई राहत यानी DR का लाभ भी लागू होगा। VRS लेने वाले कर्मचारियों के लिए भी नियम स्पष्ट किए गए हैं। 20 साल की सेवा के बाद VRS लिया जा सकता है, लेकिन पेंशन का भुगतान सुपरएनुएशन की उम्र पूरी होने पर शुरू होगा। वहीं, सामान्य इस्तीफे या बर्खास्तगी की स्थिति में एश्योर्ड पेंशन का अधिकार समाप्त हो सकता है। कर्मचारी सेवा के दौरान एक बार UPS से NPS में स्विच कर सकता है, लेकिन इसके बाद UPS में वापस लौटने का विकल्प नहीं होगा। हालांकि रिटायरमेंट, VRS या कुछ कानूनी/विभागीय कार्यवाही से जुड़े मामलों में यह विकल्प सीमित रहेगा।


