प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) में मृत व्यक्ति के नाम आवास स्वीकृत करने के मामले में चंबा प्रशासन ने कार्रवाई की है। ग्राम पंचायत सेईकोठी के तत्कालीन पंचायत सचिव प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, मामले से जुड़े ग्राम रोजगार सेवक को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक माह के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बीडीओ तीसा को संबंधित कर्मचारी का मौजूदा पंचायत से तत्काल तबादला करने को कहा गया है।
जिला परिषद चंबा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं एडीसी अमित मेहरा ने मंगलवार को पंचायत सचिव के निलंबन के आदेश जारी किए। यह कार्रवाई बीडीओ तीसा की ओर से 11 सितंबर को प्रस्तुत की गई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई। जांच में पीएमएवाई-जी के लाभार्थियों के सत्यापन, दस्तावेजों की जांच और निर्धारित नियमों के पालन में गंभीर खामियां सामने आईं।
मामला सेईकोठी पंचायत के ओहला गांव से संबंधित है। सनवाल पंचायत के मकन गांव निवासी मान सिंह ने इस संबंध में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के निदेशक को शिकायत भेजी थी। शिकायत में विभागीय जांच के साथ सरकारी धन की वसूली और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।
शिकायत के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 की लाभार्थी सूची में लाभार्थी आईडी एचपी 115031476 के तहत नरवाड़ निवासी भागी पुत्र दसरावन का नाम शामिल था। शिकायतकर्ता ने मृत्यु प्रमाणपत्र के आधार पर बताया कि भागी की मृत्यु 12 मार्च 2024 को हो चुकी थी। इसके बावजूद उसके नाम पर 1.30 लाख रुपये की आवास सहायता स्वीकृत की गई और 65 हजार रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी गई। जांच में शिकायत के आरोप सही पाए जाने के बाद पंचायत सचिव पर निलंबन की कार्रवाई हुई। अब ग्राम रोजगार सेवक के जवाब और सरकारी राशि की संभावित वसूली को लेकर आगे की विभागीय प्रक्रिया होगी।


