FASTag इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब अगर कोई ग्राहक अपने FASTag से जुड़े बैंक को बदलना चाहता है, तो उसे नया FASTag खरीदने या गाड़ी की विंडस्क्रीन पर लगा पुराना स्टिकर हटाने की जरूरत नहीं होगी। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 के दौरान ‘OneTag’ नाम की नई FASTag पोर्टेबिलिटी सुविधा लॉन्च की है। OneTag सिस्टम के जरिए यूजर्स अपने मौजूदा FASTag की टैग आईडी और वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर बरकरार रखते हुए बैंक बदल सकेंगे। यह सुविधा NHAI के ‘Rajmargyatra’ मोबाइल ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। इसका पूरा प्रोसेस डिजिटल रखा गया है, जिससे ग्राहकों को नया फिजिकल टैग लेने की परेशानी नहीं होगी।
FASTag पोर्ट करने के लिए यूजर को सबसे पहले Rajmargyatra ऐप में FASTag पोर्टेबिलिटी विकल्प चुनना होगा। इसके बाद मौजूदा FASTag और वाहन से संबंधित जरूरी जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। पात्रता पूरी होने पर ग्राहक पुराने बैंक से FASTag हटाकर OneTag से जुड़े नए बैंक में ट्रांसफर करने की सहमति दे सकेगा। इसके बाद ग्राहक उपलब्ध बैंकों में से अपनी पसंद का बैंक चुन सकता है। इस सिस्टम में SBI, ICICI Bank और Airtel Payments Bank समेत कई बड़े बैंक शामिल हैं।
नए बैंक की ओर से KYC और अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद FASTag अकाउंट का प्रबंधन नए बैंक के पास चला जाएगा। हालांकि, वाहन पर लगा पुराना FASTag स्टिकर पहले की तरह ही काम करता रहेगा। पोर्टिंग के बाद पुराने बैंक की जिम्मेदारी भी खत्म नहीं होगी। पुराने बैंक को पुराने खाते से जुड़े रिफंड, लंबित ट्रांजैक्शन और संबंधित ग्राहक सत्यापन जैसे मामलों को निपटाना होगा। इस तरह OneTag FASTag बैंक बदलने की प्रक्रिया को आसान, डिजिटल और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में अहम कदम है।


