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FSSAI की ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सख्ती, अगले महीने से शुरू होगी जांच

खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बिकने वाले खाद्य उत्पादों की जांच शुरू करने जा रहा है। FSSAI के CEO रजित पुन्हानी ने गुरुवार को बताया कि अगले महीने से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध खाद्य वस्तुओं की जांच की जाएगी। इसके तहत कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी वेबसाइट या ऐप पर सूचीबद्ध उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करते हों।

पुन्हानी ने स्पष्ट किया कि ई-कॉमर्स कंपनियां केवल एग्रीगेटर या प्लेटफॉर्म होने का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकतीं। FSSAI इस मुद्दे पर प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ बातचीत भी कर चुका है। खाद्य उत्पादों की लेबलिंग और मार्केटिंग को लेकर भी नियम सख्त किए जा रहे हैं। FSSAI के अनुसार भ्रामक ‘100 प्रतिशत’ दावों पर रोक रहेगी, जबकि ‘शुद्ध’ और ‘प्राकृतिक’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल केवल निर्धारित शर्तों के तहत किया जा सकेगा। वहीं, ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने की तैयारी है। ऐसे पेय पदार्थों को कैफीनयुक्त पेय की श्रेणी में रखा जाएगा।

खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई भी तेज की गई है। पिछले छह महीनों में असुरक्षित खाद्य पदार्थों से जुड़े आपराधिक मामलों में करीब 600 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। देशभर में मिलावट, गलत लेबलिंग और खराब गुणवत्ता जैसे मामलों में करीब 1,900 लोगों को दोषी ठहराया गया, जबकि 33,000 नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा, बच्चों को अस्वास्थ्यकर भोजन से बचाने के लिए स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में ज्यादा फैट, शुगर और सॉल्ट (HFSS) वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है।