देश के प्रमुख निजी बैंकों में शामिल ICICI Bank में Life Insurance Corporation of India (LIC) अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी में है। बैंक ने शनिवार को शेयर बाजारों को दी गई नियामक फाइलिंग में इसकी जानकारी दी। इसके मुताबिक, Reserve Bank of India (RBI) ने LIC को ICICI Bank के पेड-अप शेयर कैपिटल या वोटिंग राइट्स में अधिकतम 9.99 प्रतिशत तक हिस्सेदारी हासिल करने की अनुमति दे दी है। बैंक के अनुसार, RBI का मंजूरी पत्र 4 सितंबर 2026 को रात 9:09 बजे प्राप्त हुआ। इस मंजूरी के तहत LIC को अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए एक साल का समय दिया गया है। यदि बीमा कंपनी इस अवधि के भीतर निवेश की प्रक्रिया पूरी नहीं करती है, तो RBI की अनुमति स्वतः समाप्त हो जाएगी। साथ ही, हिस्सेदारी बढ़ाने की पूरी प्रक्रिया को लागू कानूनों और नियामकीय नियमों का पालन करते हुए पूरा करना होगा।
LIC का ICICI Bank में निवेश बढ़ाने का फैसला ऐसे समय आया है, जब सरकारी बीमा कंपनी अपने रणनीतिक निवेशों से बाजार में लगातार चर्चा में है। हाल ही में LIC का भारतीय आईटी कंपनियों में किया गया निवेश भी काफी फायदे में रहा था। एक रिपोर्ट के अनुसार, LIC ने Tata Consultancy Services (TCS), Infosys और HCLTech में निवेश किया था। जून के अंत में इन तीनों कंपनियों में LIC की हिस्सेदारी का कुल बाजार मूल्य करीब 1.05 लाख करोड़ रुपये था, जो 4 अगस्त तक बढ़कर लगभग 1.26 लाख करोड़ रुपये हो गया। इस तरह महज कुछ हफ्तों में LIC को कागजी तौर पर करीब 21,032 करोड़ रुपये का लाभ हुआ।


