नेपाल में हाल ही में आई भीषण अचानक बाढ़ के बाद लापता लोगों की पहचान के प्रयासों में भारत सहयोग करेगा। विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत सरकार नेपाल में मिले अज्ञात शवों की पहचान के लिए यहां मौजूद उनके प्रथम श्रेणी के जैविक रिश्तेदारों की DNA प्रोफाइल तैयार कराने की सुविधा उपलब्ध कराएगी।
मंत्रालय के अनुसार, भारत में रहने वाले लापता लोगों के पिता, माता, बेटा, बेटी या भाई-बहन अपने जैविक नमूने देकर DNA प्रोफाइल तैयार करा सकेंगे। यह प्रक्रिया केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं (CFSL), राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं (SFSL), राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) की प्रयोगशालाओं तथा DNA जांच की सुविधा वाली NABL से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में की जा सकेगी।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नेपाल में जारी पहचान प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए इन प्रयोगशालाओं की सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। नेपाल पुलिस की तकनीकी सलाह के अनुसार पहचान के लिए ऑटोसोमल STR DNA प्रोफाइल तैयार की जाएगी। इसके लिए नेपाली अधिकारियों की ओर से निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन करना जरूरी होगा।
DNA प्रोफाइल तैयार होने के बाद उसे नेपाली अधिकारियों द्वारा मांगी गई प्रारंभिक जानकारी के साथ ईमेल के माध्यम से साझा किया जाएगा। इसके बाद इन प्रोफाइल का मिलान नेपाल में बरामद अज्ञात शवों से लिए गए DNA नमूनों से किया जाएगा। नेपाल के अधिकारियों के मुताबिक, 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ में मृतकों की संख्या 1,259 तक पहुंच गई है, जबकि करीब 5,000 लोग अब भी लापता हैं। बचाव दल अब तक 12,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल चुके हैं।


