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NALSAR विवाद में नया मोड़, पूर्व छात्रों और छात्र संघ ने BCI चेयरमैन के खिलाफ खोला मोर्चा

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और NALSAR यूनिवर्सिटी के बीच चल रहा विवाद फिलहाल खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। एनरोलमेंट पर लगाई गई रोक वापस लिए जाने के बाद अब NALSAR के छात्र संघ और 400 से अधिक पूर्व छात्रों ने BCI के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के खिलाफ आवाज उठाई है। पूर्व छात्रों ने एक ओपन लेटर जारी कर BCI की कार्रवाई और उसके लिए जारी किए गए सर्कुलर की कड़ी आलोचना की। विवाद उस निर्देश के बाद शुरू हुआ था, जिसमें 2026 में कानून की डिग्री पूरी करने वाले NALSAR छात्रों के एनरोलमेंट पर रोक लगाने की बात कही गई थी। यह कदम CJI के खिलाफ छात्रों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन से जोड़कर देखा गया था।

ओपन लेटर में पूर्व छात्रों ने विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, छात्रों की स्वतंत्रता और कैंपस में अभिव्यक्ति के अधिकार को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय के आंतरिक मामलों और छात्रों के विचार व्यक्त करने के अधिकार को नियंत्रित करना BCI के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। पूर्व छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि शुरुआती सर्कुलर की भाषा छात्रों और शिक्षकों पर दबाव बनाने वाली थी। उनके मुताबिक, इस तरह की कार्रवाई छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाती है।

हालांकि, बढ़ते विरोध के बीच BCI ने एनरोलमेंट रोकने और जांच से संबंधित निर्देश वापस ले लिए। इसके बावजूद NALSAR छात्र संघ का कहना है कि आदेश वापस लेने मात्र से विवाद समाप्त नहीं हो जाता। छात्र संघ ने इस मामले को कानूनी, संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ-साथ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है। संगठन का कहना है कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और छात्रों के अधिकारों की रक्षा पर व्यापक चर्चा जरूरी है।