जम्मू-कश्मीर के कठुआ में CISF कैंप के अंदर मंगलवार शाम हुई गोलीबारी की घटना से हड़कंप मच गया। सेवा-2 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात CISF हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह ने कथित तौर पर अपनी सर्विस AK-47 से साथी जवानों पर फायरिंग कर दी। इस घटना में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय, सब इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संजीव कुमार की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी जवान को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक घटना मंगलवार शाम करीब 6:40 बजे की है। अवधेश कुमार सिंह अपनी राइफल लेकर कैंप के ऑपरेशंस सेक्शन स्थित कार्यालय में पहुंचा, जहां कंपनी कमांडर समेत कुछ जवान मौजूद थे। इसी दौरान उसने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। घटना के बाद कैंप में अफरातफरी मच गई। पुलिस के अनुसार, गोलीबारी के पीछे बच्चे को बार-बार प्रोजेक्ट साइट पर लाने को लेकर चल रहा विवाद शुरुआती जांच में सामने आया है। आरोपी की पत्नी भी CISF में कांस्टेबल हैं और दोनों अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं। ड्यूटी के दौरान बच्चे की देखभाल के लिए उसे कई बार साइट पर लाना पड़ता था। बताया गया है कि इसको लेकर यूनिट में पहले भी आपत्ति जताई गई थी।
घटना वाले दिन भी आरोपी की पत्नी बच्चे के साथ क्वार्टर गार्ड पहुंची थीं। इसको लेकर शिकायत असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय तक पहुंची। पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के बाद आरोपी ने कथित तौर पर फायरिंग कर दी। फायरिंग में घायल चारों जवानों को हिमाचल प्रदेश के चंबा स्थित एनएचपीसी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में आरोपी के पास करीब 150 राउंड होने की बात सामने आई है। CISF ने मामले की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित की है।


