NEET पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बड़ा आश्वासन दिया है। केंद्र ने अदालत को बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी और उनके खिलाफ FIR दर्ज नहीं होगी। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी कि सरकार अपने पहले दिए गए आश्वासन पर कायम है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान गंभीर आपराधिक मामलों में दर्ज 2,700 से अधिक FIR को वापस नहीं लिया जाएगा।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को खत्म करने का मुद्दा उठाया। इस पर केंद्र की ओर से कहा गया कि छात्रों को दिए गए आश्वासन के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने पुलिस कार्रवाई को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि किसी पुलिस अधिकारी ने अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल करते हुए जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया है, तो उसे संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए। हालांकि, अदालत ने यह भी साफ किया कि आंदोलन की आड़ में गंभीर अपराधों में शामिल लोगों को बचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
बता दें कि NEET विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से 36 दिनों तक प्रदर्शन किया गया था। आंदोलन की प्रमुख मांगों में प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई नहीं करने की मांग भी शामिल थी। इससे पहले 28 जुलाई को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से बचने के निर्देश दिए थे। अदालत ने कई राज्यों को CCTV फुटेज, ड्रोन रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने के आदेश भी दिए थे। अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी, जिसमें केंद्र और राज्यों की ओर से उठाए गए कदमों की समीक्षा की जाएगी।


